मुख्य वित्तीय अधिकारी कार्यक्रम - बैच 02
22 फरवरी, 2026
भारतीय प्रबंध संस्थान, विशाखापट्टनम ने अपने मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) कार्यक्रम के बैच 02 का शुभारंभ एक ऑनलाइन समारोह के माध्यम से किया, जिसमें वरिष्ठ संकाय सदस्य, प्रतिभागी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री वेंकट एन. चालसानी की उपस्थिति में किया गया, जो एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व उप प्रबंध निदेशक रह चुके हैं।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम निदेशक प्रो. पूजा कुमारी ने मुख्य वित्तीय अधिकारी की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला और उन्हें एक ऐसे रणनीतिक नेतृत्वकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया, जो वित्त को संस्थान-स्तरीय निर्णय-निर्माण से जोड़ता है। उन्होंने बताया कि यह 12 माह का कार्यक्रम चार प्रमुख स्तंभों—रणनीतिक नेतृत्व, वित्तीय नेतृत्व, शासन एवं अनुपालन, तथा डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी नेतृत्व—पर आधारित है।
इस बैच में विभिन्न उद्योगों एवं कार्यात्मक क्षेत्रों से जुड़े अनुभवी पेशेवर शामिल हैं, जिनका औसत कार्य अनुभव लगभग 18 वर्ष है।
अपने मुख्य संबोधन में श्री चालसानी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच वित्तीय नेतृत्व में हो रहे संरचनात्मक परिवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक CFO को केवल वित्तीय प्रबंधन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें रणनीतिकार, जोखिम प्रबंधक एवं संस्थागत विश्वास के संरक्षक के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अनिश्चित समय में वित्त क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण कौशल ईमानदारी पर आधारित निर्णय क्षमता है।”
कार्यक्रम के दौरान आईआईएम विशाखापट्टनम के डीन (अनुसंधान) प्रो. अमित शंकर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिभागी केवल शिक्षार्थी नहीं, बल्कि संस्थान के परिवार का हिस्सा एवं गौरवशाली प्रतिनिधि हैं। उन्होंने 2015 में शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में स्थापना के बाद से संस्थान की प्रगति का भी उल्लेख किया। वर्ष 2022 में 21 प्रमाणन कार्यक्रमों से बढ़कर 2024–25 में 108 कार्यक्रमों तक, तथा वर्ष 2020 में 1,300 शिक्षार्थियों से बढ़कर पिछले वर्ष 5,500 तक पहुँचते हुए, आईआईएमवी निरंतर उत्तरदायी एवं भविष्य के लिए तैयार नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण कर रहा है।
यह कार्यक्रम वित्तीय नेतृत्वकर्ताओं को जटिलताओं का सामना करने, जोखिम प्रबंधन करने तथा सतत संगठनात्मक विकास को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक क्षमताओं से सुसज्जित करने का उद्देश्य रखता है।
प्रो. शालिनी अग्निहोत्री ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, संकाय सदस्यों, नेतृत्व एवं सहयोगी टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वर्तमान वित्तीय भूमिकाओं में चपलता, समग्र सोच
एवं नैतिक नेतृत्व के महत्व पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने प्रतिभागियों का आईआईएम विशाखापट्टनम परिवार में स्वागत करते हुए उनके लिए एक परिवर्तनकारी शिक्षण यात्रा की कामना की।


