संश्रेय 2026 – भारतीय प्रबंधन संस्थान, विशाखापत्तनम में पूर्व छात्र पुनर्मिलन समारोह
विशाखपट्टणम, 25 जनवरी 2026: “स्मृतियों की मोज़ेक” विषय पर आधारित संश्रेय 2026 का आयोजन 25 जनवरी 2026 को भारतीय प्रबंध संस्थान, विशाखपट्टणम (आईआईएमवी) में एक भव्य पूर्व छात्र पुनर्मिलन समारोह के रूप में किया गया । इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थी–पूर्व छात्र संबंध समिति द्वारा पूर्व छात्र संबंध कार्यालय के सहयोग से किया गया। 241 एकड़ में विस्तृत आईआईएम विशाखपट्टणम के स्थायी परिसर में आयोजित यह समारोह पुनः जुड़ाव, आत्मचिंतन एवं उत्सव के लिए एक आदर्श परिवेश प्रदान करता रहा।
इस अवसर पर पीजीपी, पीजीपीएक्स, पीएचडी, पीजीडीपीजीडीएम तथा कार्यकारी प्रमाणपत्र कार्यक्रमों सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के लगभग 150 पूर्व छात्र–छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित अनेक पूर्व छात्र विभिन्न उद्योगों में नेतृत्वकारी पदों पर कार्यरत हैं, जो सक्षम एवं उत्तरदायी पेशेवरों के निर्माण में आईआईएम विशाखापत्तनम की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। संकाय सदस्य, कर्मचारीगण, विद्यार्थी तथा आईआईएमवी परिवार के अन्य सदस्य भी इस समारोह में उत्साह के साथ सम्मिलित हुए।
उद्घाटन समारोह आईआईएमवी के सभागार में संपन्न हुआ। अपने उद्घाटन संबोधन में प्रो. हैप्पी पॉल, अध्यक्ष – सीडीएस एवं पूर्व छात्र संबंध, ने पूर्व छात्रों से संबंधित प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने डोमेन डिकोड, वैकल्पिक विषय परिचय सत्र, प्रकरण प्रतियोगिता मार्गदर्शन, विज़डम वेव (एकल पूर्व छात्र मार्गदर्शन), एलुमिनेट, पूर्व छात्र शाइन शृंखला तथा वी-इंस्पायर पॉडकास्ट जैसे सहभागिता मंचों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष संस्थान ने दो पूर्व छात्र अध्याय बैठकों का सफल आयोजन किया, जिनमें प्रत्येक में लगभग 100 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, तथा भविष्य में पूर्व छात्र सहभागिता को और सुदृढ़ करने की संस्थान की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रो. अमित शंकर, अधिष्ठाता (अनुसंधान), ने छात्र जीवन और विकसित होते शैक्षणिक परिवेश पर अपने स्पष्ट एवं आत्मीय विचार साझा किए। प्रो. कावेरी कृष्णन, अधिष्ठाता (प्रशासन), ने संस्थान की दस वर्षीय यात्रा पर प्रकाश डालते हुए विकास, दृढ़ता और नवाचार से जुड़ी उपलब्धियों को रेखांकित किया। प्रो. शिवशंकर सिंह पटेल, अध्यक्ष – स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पीजीपी), ने पाठ्यक्रम विकास एवं शैक्षणिक समृद्धि में पूर्व छात्रों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।
समारोह के अंतर्गत युवा पूर्व छात्र उपलब्धि पुरस्कार प्रदान किया गया, जो उन युवा पूर्व छात्रों को सम्मानित करता है जिन्होंने अपने व्यावसायिक क्षेत्र में उल्लेखनीय क्षमता का प्रदर्शन करने के साथ-साथ समाज में सार्थक योगदान दिया है। 13 नामांकनों में से श्री प्रवास के. साहू (एमबीए 2015–17) तथा श्री नव कृष्ण ए. (एमबीए 2018–20) को इस पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। दोनों पुरस्कार विजेताओं ने आईआईएमवी समुदाय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा अपने व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत विकास में संस्थान की मूल्यनिष्ठ शिक्षा की भूमिका को स्वीकार किया।
मुख्य अतिथि प्रो. एम. चंद्रशेखर, निदेशक, आईआईएम विशाखापत्तनम, ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी तथा विभिन्न क्षेत्रों में आईआईएमवी के पूर्व छात्रों की बढ़ती उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने पूर्व छात्रों से क्षेत्रीय पूर्व छात्र अध्यायों को सक्रिय रूप से सशक्त बनाने का आह्वान किया और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया। संस्थान की सुदृढ़ संकाय संरचना एवं विकास योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आईआईएमवी के मूल मूल्यों—शैक्षणिक स्वतंत्रता, समानता, उत्कृष्टता एवं व्यावसायिकता—को रेखांकित किया। उन्होंने पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता सुनिश्चित करने में संरचित पाठ्यक्रम समीक्षा समितियों तथा बाह्य शैक्षणिक परामर्श समितियों की भूमिका पर भी बल दिया, जिनमें शिक्षाविद्, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा पूर्व छात्र सम्मिलित हैं। प्रो. चंद्रशेखर ने संस्थान की विरासत को सुदृढ़ बनाए रखने और भविष्य को दिशा देने में पूर्व छात्रों की निर्णायक भूमिका को विशेष रूप से उल्लेखित किया।
कार्यक्रम का समापन श्री सोमशेखरा एम.एन., अधिकारी – सीडीएस एवं पूर्व छात्र संबंध, द्वारा प्रस्तुत हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने संश्रेय 2026 को स्मरणीय सफलता बनाने में योगदान देने वाले सभी पूर्व छात्रों, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, प्रायोजकों एवं अन्य हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त किया।


