भारतीय प्रबंध विशाखपट्टणम ने 77वां गणतंत्र दिवस उत्साहपूर्वक मनाया
भारतीय प्रबंध संस्थान विशाखपट्टणम ने 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत उत्साह और गौरव के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने शिक्षा, नेतृत्व और मूल्यों में उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया ।
इस अवसर पर भा.प्र.सं विशाखपट्टणम के निदेशक, प्राध्यापक चंद्रशेखर एम. ने संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कर्मियों और सहायक कर्मचारियों के अथक प्रयासों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के विचारों का उल्लेख करते हुए यह रेखांकित किया गया कि भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जिसका प्रमुख आधार विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है। हमारी युवा शक्ति अपनी प्रतिभा, नवाचार और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ देश के विकास की यात्रा की सच्ची ध्वजवाहक है।
इस संदर्भ में प्राध्यापक चंद्रशेखर ने सभी से जिम्मेदारीपूर्वक आचरण करने, निस्वार्थ सेवा भाव अपनाने और समाज के लिए सार्थक योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सामूहिक प्रयास राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं और मूल मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने एक अधिक न्यायसंगत और समावेशी भारत के निर्माण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
समारोह का समापन छात्रों और कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण में उत्साह और उमंग भर दी।
राष्ट्रीय महत्व के एक संस्थान के रूप में, आईआईएम विशाखापत्तनम भारत की विकास गाथा में सार्थक योगदान देने वाले जिम्मेदार नेताओं के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।


