आईआईएम विशाखापत्तनम ने शोध समागम - 3: मैनेजमेंट डॉक्टोरल कलोक्वियम का समापन किया
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) विशाखापत्तनम ने 18-19 अप्रैल 2026 को अपने मैनेजमेंट डॉक्टोरल कलोक्वियम (प्रबंधन डॉक्टरेट संगोष्ठी) के तीसरे संस्करण, 'शोध समागम' (SHODH SAMAGAM) का सफलतापूर्वक समापन किया। [1]
इस कार्यक्रम के लिए कुल 126 शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिसमें आईआईएम (IIMs) और आईआईटी (IITs) की मजबूत भागीदारी रही। इसमें आईआईएम अहमदाबाद, आईआईएम बैंगलोर, आईआईएम कोझिकोड, आईआईएम उदयपुर, आईआईएम लखनऊ, आईआईएम मुंबई, आईआईएम रायपुर, आईआईएम रांची, आईआईएम अमृतसर, आईआईएम संबलपुर, आईआईएम इंदौर, आईआईएम काशीपुर और अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं (स्कॉलर्स) द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में 24 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। इस संगोष्ठी के दौरान आईआईएम विशाखापत्तनम के शोधकर्ताओं ने भी अपने काम को प्रस्तुत किया। [1]
कार्यक्रम की शुरुआत एक प्रतिष्ठित उद्घाटन सत्र के साथ हुई, जिसमें आईआईएम उदयपुर के पूर्व निदेशक और आईआईएम विशाखापत्तनम के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य प्रो. जनत शाह ने मुख्य भाषण (कीनोट एड्रेस) दिया। उन्होंने भारतीय संदर्भों में अनुसंधान (रिसर्च) करने की चुनौतियों और अवसरों पर प्रकाश डाला। डीन (रिसर्च) प्रो. अमित शंकर ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और विशेष सहयोग के लिए संस्थान के निदेशक प्रो. एम. चंद्रशेखर के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण प्रो. सुशील (संपादक-प्रमुख, 'ग्लोबल जर्नल ऑफ फ्लेक्सिबल सिस्टम्स मैनेजमेंट') और प्रो. वर्षा जैन (संपादक-प्रमुख, 'जर्नल ऑफ कंज्यूमर बिहेवियर') का संपादकीय व्याख्यान (एडिटोरियल टॉक) था, जिन्होंने शीर्ष स्तर की पत्रिकाओं (जर्नल्स) में शोध-पत्र प्रकाशित करने को लेकर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की। इस संगोष्ठी में प्रो. अमित शंकर द्वारा एक 'PLS-SEM' कार्यशाला (वर्कशॉप) भी आयोजित की गई।
फाइनेंस एंड अकाउंटिंग, डिसीजन साइंसेज, इकोनॉमिक्स, पब्लिक पॉलिसी, मार्केटिंग, एंटरप्रेन्योरशिप, इंफॉर्मेशन सिस्टम्स और स्ट्रैटेजी सहित विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों (ट्रैक्स) में फैले इस कलोक्वियम ने गहन बौद्धिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।


