भारतीय प्रबंध संस्थान विशाखापट्टणम में ‘भारती – बहुभाषी अनुवाद सारथी’ पर विशेष कार्यशाला
भारतीय प्रबंध संस्थान, विशाखापत्तनम में गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा RINL, विशाखापट्टणम के सहयोग से ‘भारती – बहुभाषी अनुवाद सारथी’ विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यक्रम का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बहुभाषी अनुवाद तकनीकों को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र 07 अप्रैल 2026 (मंगलवार) को प्रातः 10:30 बजे संस्थान के सभागार में आयोजित हुआ। सत्र का शुभारंभ राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. एम. चंद्रशेखर, निदेशक, IIM विशाखापट्टणम उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में राजभाषा और तकनीक के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री अनिर्बान विश्वास ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को स्पष्ट किया, जबकि डॉ. शशिपाल सिंह (सी-डैक, पुणे) ने “भारती – बहुभाषी अनुवाद सारथी” पर उपयोगी प्रस्तुति दी। साथ ही, पंजाब नेशनल बैंक की पत्रिका “विशाखा वाणी” का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर श्री एच. टी. वासप्पा, तथा श्री ए. डी. आर. ई. शांताराम सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समापन सत्र में श्री कलीम वी. खान, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, IIM विशाखापत्तनम ने ऐसे कार्यक्रमों को भाषा और तकनीक के बीच महत्वपूर्ण सेतु बताया।
नराकास (उपक्रम), नराकास (बैंक व बीमा) एवं नराकास (केंद्र सरकार कार्यालय) के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई।


